MP board 9th विज्ञान त्रिमासिक पेपर 2021-22 | Very IMP

Contents hide
1 MP board 9th विज्ञान त्रिमासिक पेपर 2021-22 IMP Solution
1.3 त्रिमासिक परीक्षाओं के आते ही सभी बच्चों के मन में एक ही प्रश्न होता है कि हमारी परीक्षाओं में कितना सिलेबस आएगा आपकी त्रि-मासिक परीक्षाओं में कुल सिलेबस का 33% सिलेबस पूछा जाता है जिसमें आप से किन-किन अध्याय से प्रश्न पूछे जाएंगे आपके इस सवाल का स्पष्ट करने के लिए यहां पर त्रिमासिक परीक्षा के लिए 9th का विज्ञान का syllabus उपलब्ध है जो कि इस प्रकार है― आपको इसमें सेreduce syllabus छोड़कर अपनी त्रिमासिक परीक्षा की तैयारी करना है यदि अभी तक आपने अपना reduce syllabus check नहीं किया है तो आप नीचे दी हुई लिंक पर जाकर अपना reduce syllabus चेक कर सकते हैं । MP board New syllabus 2021-22 Class 12th पाठ – 1

MP board 9th विज्ञान त्रिमासिक पेपर 2021-22  IMP Solution 

MP board 9th science trimasik paper 2021-22 दोस्तों आज हम आपके लिए क्लास 9th की विज्ञान के त्रिमासिक  परीक्षा के लिए most important question बताने वाले हैं यदि आपको समझ नहीं आ रहा है कि आप अपनी त्रिमासिक परीक्षा की तैयारी किस प्रकार करें, कौन-कौन से क्वेश्चन  इंपोर्टेंट है और आप गूगल पर इंपॉर्टेंट क्वेश्चन सर्च कर रहे हैं तो आप बिल्कुल सही जगह पर आ गए हैं क्योंकि आज हम आपको इस पोस्ट में त्रिमासिक परीक्षाओं के लिए most important question बताने वाले हैं जो आपकी त्रिमासिक और वार्षिक दोनों परीक्षाओं की दृष्टि से अति महत्वपूर्ण है।

Class 9th त्रिमासिक परीक्षा का syllabus ―

त्रिमासिक परीक्षाओं के आते ही सभी बच्चों के मन में एक ही प्रश्न होता है कि हमारी परीक्षाओं में कितना सिलेबस आएगा आपकी त्रि-मासिक परीक्षाओं में कुल सिलेबस का 33% सिलेबस पूछा जाता है जिसमें आप से किन-किन अध्याय से प्रश्न पूछे जाएंगे आपके इस सवाल का स्पष्ट करने के लिए यहां पर  त्रिमासिक परीक्षा के लिए  9th का विज्ञान का syllabus उपलब्ध है जो कि इस प्रकार है―

आपको इसमें सेreduce  syllabus छोड़कर अपनी त्रिमासिक परीक्षा की तैयारी करना है यदि अभी तक आपने अपना reduce  syllabus check नहीं किया है तो आप नीचे दी हुई लिंक पर जाकर अपना reduce syllabus चेक कर सकते हैं ।
 पाठ – 1

हमारे आस-पास के पदार्थ

प्रश्न 1. पुष्टि हेतु कारण दें 

(a) जल कमरे के ताप पर द्रव है।

(b) लोहे की अलमारी कमरे के ताप पर ठोस है।

उत्तर – (a) साधारण कमरे के ताप पर जल द्रव होता है क्योंकि कमरे का तापमान लगभग 20° से 40° के बीच होता है जबकि जल का हिमांक 0°C तथा क्वथनांक 100°C होता है, साथ ही जल का कोई निश्चित आकार नहीं होता है। यह उस बर्तन का आकार ग्रहण कर लेता है जिसमें इसे रखा जाता है। दूसरा, यह आसानी से प्रवाहित हो सकता है अर्थात् यह दृढ़ न होकर तरल है।

(b) लोहे की अलमारी एक ठोस है क्योंकि इसका गलनांक कमरे के ताप से बहुत अधिक होता है, इसका एक निश्चित आकार एवं आयतन होता है तथा यह होते हैं, बहते नहीं हैं।

प्रश्न 2. निम्नलिखित तापमानों को केल्विन इकाई में परिवर्तित करे-  (a) 25°C      (b)373°C

उत्तर-(a) सेल्सियस में तापमान t (°C)-25°C तब, केल्विन इकाई में परिवर्तन के लिए,

T(K) = t(°C)+273

T(K)= 25+273

       =298K

(b) सेल्सियस में तापमान (°C)= 373°C तब, केल्विन इकाई में परिवर्तन के लिए,

T(K)= t(°C)+273

T(K)= 373+273

= 646K

प्रश्न-3 क्या तापमान के साथ मिश्रित होने की दर बदलती है? क्यों और कैसे?

उत्तर – हाँ, तापमान के साथ मिश्रित होने की दर बदलती है। मिश्रित होने की दर तापक्रम के समानुपाती होती है। तापमान के बढ़ने पर अन्तराण्विक आकर्षण बल कम होता है। फलतः ठोस के कणों की गतिज ऊर्जा बढ़ जाती है तथा वे आसानी से द्रव में मिश्रित हो जाते हैं।

प्रश्न 4. निम्नलिखित अवलोकनों हेतु कारण लिखें.

(a) नैफ्थलीन को रखा रहने देने पर यह समय के साथ कुछ भी ठोस पदार्थ छोड़े बिना अदृश्य हो जाती है।

(b) हमें इत्र की गंध बहुत दूर बैठे हुए भी पहुंच जाती है।

उत्तर-(a) नैफ्थलीन एक वाष्पशील ठोस पदार्थ है जो ठोस से द्रव अवस्था में आए बिना ही गैस में बदल जाता है, जिसे ऊर्ध्वपातन क्रिया कहते हैं। अतः कुछ समय बाद यह ठोस पदार्थ छोड़े बिना हवा में वाष्प बनकर उड़ जाता है।

(b) इत्र एक वाष्पशील द्रव होता है, इसके कण अपने आप हवा के कणों के साथ मिलकर चारों तरफ फैल जाते हैं। इनके कणों के इस तरह फैलने के कारण कुछ दूरी पर बैठे होने के बावजूद हम इसकी गंध प्राप्त कर लेते हैं।  

प्रश्न 5. (a) पदार्थ की विभिन्न अवस्थाओं के गुणों में अन्तर लिखिये।

पाठ – 2 
क्या हमारे आस-पास के पदार्थ शुद्ध हैं

प्रश्न  1.  समांगी और विषमांगी मिश्रण में अंतर बताइए।

 उत्तर – 1. समांगी मिश्रण मैं एक समान संघटन होता है जबकि विषमांगी मिश्रण में एक समान संगठन नहीं होता ।

2. समांगी मिश्रण मैं के अवयवों के बीच कोई भी स्पष्ट पृथक्करण सीमाएं नहीं होती जबकि विषमांगी मिश्रण के अवयवों के बीच स्पष्ट पृथक्करण सीमाएं होती हैं।

  3. समांगी मिश्रण के उदाहरण जल में चीनी का घोल, जल में नमक का बिलियन ,अल्कोहल में जल का बिलियन, कार्बन डाईसल्फाइड में सल्फर का बिलियन आदि। विषमांगी मिश्रण के उदाहरण तेल में जल का मिश्रण ,चीनी तथा नमक का मिश्रण , बालू तथा नमक का मिश्रण आदि । 

 4. समांगी मिश्रण के अवयवों को आसानी से देखना संभव नहीं है जबकि विषमांगी मिश्रण के अवयवों को प्राया आसानी से देखा जा सकता है।

प्रश्न 2. पृथक् करने की सामान्य विधियों के नाम दें-          (i) दही से मक्खन (ii) समुद्री जल से नमक (iii) नमक से कपूर

उत्तर-(i) दही से मक्खन अपकेन्द्रन विधि द्वारा पृथक् किया जाता है।

(ii) समुद्री जल से नमक वाष्पीकरण विधि द्वारा पृथक् किया।जाता है।

(iii) नमक से कपूर ऊर्ध्वपातन विधि द्वारा पृथक् किया जाता है।

प्रश्न 3. क्रिस्टलीकरण विधि से किस प्रकार के मिश्रणं को पृथक् किया जा सकता है ?

उत्तर-क्रिस्टलीकरण विधि का प्रयोग ठोस पदार्थों को श करने में किया जाता है। उदाहरण के लिए समुद्री जल से प्राप्त नमक में बहुत-सी अशुद्धियाँ होती हैं जिन्हें दूर करने के लिए क्रिस्टलीकरण विधि का प्रयोग किया जाता है।

प्रश्न 1.  निम्नलिखित को  रासायनिक और भौतिक परिवर्तनों में  वर्गीकृत करें-

(i)पेड़ों को काटना,

(ii) मक्खन का एक बर्तन में पिघलना।

(iii) अलमारी में जंग लगना।

(iv) जल का उबलकर वाष्प बनना।

(v) विद्युत तरंग का जल में प्रवाहित होना तथा उसका

हाइड्रोजन और ऑक्सीजन गैसों में विघटित होना,

(vi) जल में साधारण नमक का बुलना,

(vii) फलों से सलाद बनाना तथा

(viii) लकड़ी और कागज का जलना।

उत्तर-  (i)भौतिक परिवर्तन, (ii)भौतिक परिवर्तन

(iii) रासायनिक परिवर्तन, (iv) भौतिक परिवर्तन

(v) रासायनिक परिवर्तन, (vi) भौतिक परिवर्तन, (vii) भौतिक परिवर्तन (viii) रासायनिक परिवर्तन।

प्रश्न 4. निम्न की उदाहरण सहित व्याख्या करें-

(a) संतृप्त विलयन  (c) कोलॉइड (d) निलंबन 

उत्तर-(a) संतृप विलयन-किसी विशेष तापमान पर कोई

विलयन जितने अधिकतम विलेय को घोलने में सक्षम होता है, उसे संतृप्त विलयन कहते हैं।

उदाहरण- एक बीकर में 100 मिली, जल को लगभग 25°C पर गर्म कीजिये और जल में धीरे-धीरे सोडियम क्लोराइड घोलिये, जब तक कि और सोडियम क्लोराइड विलयन में धुलना बंद न कर दे। विलयन का तापमान 25°C बनाये रखें। इस प्रकार यह विलयन जल में 25°C पर तैयार सोडियम क्लोराइड का संतृप्त विलयन है।

(c) कोलॉइड-जब किसी विलयन में विलेय के कण निलम्बन की अपेक्षा इतने छोटे होते हैं कि साधारण आँखों से दिखाई नहीं देते परंतु ये प्रकाश की किरणों को आसानी से फैला देते हैं, ऐसा विलयन कोलाइडी विलयन या कोलाइड कहलाता है। कोलॉइड टिण्डल प्रभाव उत्पन्न करते हैं। उदाहरण- दूध, गोंद, जैली आदि।

(d) निलंबन – निलंबन एक विषमांगी मिश्रण है जिसमें विलेय के कण घुलते नहीं हैं बल्कि पूरे माध्यम में बहुमात्रा में निलंबित रहते हैं। उदाहरण- कीचड़ का पानी, बुरादा-जल का मिश्रण, चॉक पाउडर और जल का मिश्रण आदि।

पाठ ― 5

जीवन की मौलिक इकाई

प्रश्न 1. कोशिका की खोज किसने और कैसे की?

उत्तर – कोशिका की खोज रॉबर्ट हुक ने सन् 1665 में की थी। उसने सरल सूक्ष्मदर्शी के द्वारा कॉर्क की पतली काट का अवलोकन करते समय मधुमक्खी के छत्ते के समान संरचना वाले छोटे प्रकोष्ठों को देखा जिन्हें उसने कोशिका कहा।

प्रश्न 2. कोशिका को जीवन की संरचनात्मक व

क्रियात्मक इकाई क्यों कहते हैं ?

उत्तर- अनेक जीवों का शरीर केवल एक कोशिका का बना होता है। जैसे – अमीबा। बहुकोशिका जीवों के शरीर में अनेक कोशिकाएँ होती हैं जो विभिन्न कार्य करती हैं और विभिन्न अंगों का निर्माण करती हैं।

प्रश्न 3. यदि किसी कोशिका का संगठन किसी भौतिक अधवा रासायनिक प्रभाव के कारण नष्ट हो जाता है, तो क्या होगा?

उत्तर- यदि किसी कोशिका का संगठन किसी भौतिक अथवा रासायनिक प्रभाव के कारण नष्ट हो जाता है तो कोशिका अपने कुछ आधारभूत कार्य जैसे – श्वसन, पोषण तथा उत्सर्जन आदि नहीं कर सकती तथा प्रोटीन का निर्माण नहीं कर सकती जिससे जीव के समस्त कार्य रुक जाएंगे तथा जीव को मृत्यु हो सकती है।

प्रश्न 4. लाइसोसोम को आत्मघाती थैली क्यों कहते हैं?

उत्तर – जब कोशिका मृत या क्षतिग्रस्त हो जाती है तो लाइसोसोम फट जाते हैं तथा एन्जाइम अपनी ही कोशिकाओं को पचित कर देते हैं। अत: लाइसोसोम को आत्मघाती थैली कहते हैं।

प्रश्न 5. कोशिका के अंदर प्रोटीन का संश्लेषण कहाँ

होता है?

उत्तर-कोशिका के अंदर प्रोटीन का संश्लेषण राइबोसोम में

होता है।

प्रश्न 6.  पादप तथा जंतु कोशिका में अंतर स्पष्ट कीजिए।

 उत्तर –1. पादप कोशिका में सेल्यूलोज की बनी कोशिका भित्ति होती है जबकि जंतु कोशिका में कोशिका भित्ति नहीं होती । 

2.  इसमें हरित लवक पाए जाते हैं जबकि जन्तु कोशिका में हरित लबक नहीं पाए जाते।

  3.  पादप कोशिकाओं में बड़ी-बड़ी रिक्तियां होती हैं  जबकि जंतु कोशिकाओं में रितिकाऐं बहुत छोटी होती हैं।

  4.  पादप कोशिकाओं में सैंट्रोसोम नहीं होती जबकि जंतु कोशिका में सैंट्रोसोम पाई जाती हैं।

प्रश्न 7. प्रोकैरियोटिक तथा यूकैरियोटिक कोशिका में अंतर लिखिए।

उत्तर-1.  प्रोकार्योटिक कोशिकाओं का कार बहुत छोटा होता है जबकि यूकैरियोटिक कोशिका का आकार अपेक्षाकृत बड़ा होता है।

  2.प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं में केन्द्रक, केंद्रक झिल्ली से घिरा नहीं होता जबकि यूकैरियोटिक कोशिका में केंद्रक द्रव्य केंद्रक झिल्ली द्वारा गिरा हुआ होता है।

  3.  प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं में एकमात्र गुणसूत्र होता है जबकि यूकार्योटिक कोशिकाओं में एक से अधिक गुणसूत्र होते हैं।

  4.  प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं में केंद्रक नहीं पाया जाता जबकि यूकैरियोटिक कोशिका में केंद्रक पाया जाता है ।

 5.  प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं में झिल्लियों से बने कोशिकांग नहीं पाए जाते जबकि यूकार्योटिक कोशिकाओं में झिल्लियों से बने कोशिकांग पाए जाते हैं।

 6. प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं में कोशिका विभाजन बिखण्डन या मुकुलन द्वारा होता है जबकि यूकैरियोटिक कोशिकाओं में कोशिका विभाजन समसूत्री तथा अर्धसूत्री दोनों विधियों द्वारा होता है।

प्रश्न 8.    कोशिका का कौन सा अंग बिजलीघर है? और क्यों?

उत्तर – माइटोकॉन्डिया को कोशिका का बिजलीघर कहते है। माइटोकॉन्द्रिया में ऊर्जा का निर्माण होता है जो ए.टी.पी. के रूप में एकत्र होती है। यह ऊर्जा बहुत-सी जैविक प्रक्रियाओं में काम आती है। अत: माइटोकॉन्द्रिया को कोशिका का बिजलीघर कहते है।

प्रश्न 9. अमीबा अपना भोजन कैसे प्राप्त करता है?

उत्तर-अमीबा एक कोशकीय जीव है। यह इंडोसाइटोसिस द्वारा भोजन ग्रहण करता है। अमीबा की प्लाज्मा झिल्ली या कोशिका झिल्ली लचीली होती है प्लाज्मा झिल्ली अंदर की ओर मुड़कर कप के आकार का गड्ढा बना लेती है जिसमें भोजन प्रविष्ट हो जाता है। अमीबा की कोशिका में रसधानियाँ होती हैं। इनमें से एक खाध रिक्तिका होती है। खाद्य रसधानी भोजन से भरी होती है। इससे अमीबा अपना भोजन प्राप्त करता है।

पाठ ― 6 

ऊतक 

प्रश्न 1.ऊतक क्या है?

उत्तर – समान संरचना वाले कोशिकाओं के समूह जो एक विशेष कार्य को करने के लिए एक साथ कार्य करते हैं, उन्हें ऊतक कहते हैं।

प्रश्न 2. प्रकाश संश्लेषण के लिए किस गैस की

आवश्यकता होती है?

उत्तर – प्रकाश संश्लेषण के लिये कार्बन डाइऑक्साइड (CO)2 की आवश्यकता होती है।

प्रश्न 3. पौधों में वाष्पोत्सर्जन के कार्यों का उल्लेख

कीजिए।

उत्तर-पौधों में वाष्पोत्सर्जन के कार्य निम्न हैं-

(1) वाष्पोत्सर्जन के कारण ही जड़ों द्वारा पानी व खनिज पत्तियों तथा अन्य भागों तक पहुंचते हैं।

(ii) फलों तथा फसलों को पकने में सहायता करता है।

(ii) यह आर्द्रता बनाये रखता है जिससे पौधों के आस-पास  ताप कम रहता है।

(iv) पौधों से अतिरिक्त जल का निष्कासन होता है।

प्रश्न 4.सरल ऊतकों के कितने प्रकार हैं?

उत्तर – सरल ऊतक निम्न प्रकार के होते हैं -(i) पैरेन्काइमा

(मृतक ऊतक), (ii) कॉलेन्काइमा (स्थूल मतक), (iii) स्क्लेरेकाइमा (दृढ़ ऊतक)।

प्रश्न 5. रंध्र के क्या कार्य है?

उत्तर-(i) गैसों का आदान-प्रदान करते हैं। (ii) वाष्प उत्सर्जन

द्वारा वाष्प के रूप में अधिक जल का निष्कासन करते हैं।

प्रश्न 6.कार्डिक (हृदयक) पेशी का विशेष कार्य क्या है?

उत्तर – 1. कार्डिक (हृदयक) पेशी बिना रुके एवं थके हुये एक लय में लगातार सिकुड़ने व फैलने का कार्य करती है।

2. लयबद्ध प्रसार एवं संकुचन हृदय की पम्पिंग क्रिया में सहायता करता है तथा रक्त सम्पूर्ण शरीर में गति करता है।

प्रश्न 7. छाल (कॉर्क) किस प्रकार सुरक्षा ऊतक के

रूप में कार्य करता है?

उत्तर – जब वृक्ष की आयु बढ़ती है तो तने के एपिडर्मिस के स्थान पर विभज्योतक की पट्टी बन जाती है। यह एक मोटा सुरक्षात्मक ऊतक है। बाहरी सतह की कोशिकाएँ इस तरह से अलग हो जाती हैं। यह पौधों पर अनेक परतों वाली मोटी छाल (कॉर्क) का निर्माण करती है। इन छालों की कोशिकाएँ मृत होती हैं, ये बिना अंत:कोशिकीय स्थानों (Intercellular spaces) के व्यवस्थित होती हैं। इनकी भित्ति पर सुबेरिन (suberin) नामक रसायन होता है जो इन छालों को हवा एवं पानी के लिए अभेद्य (Impervious) बनाता है।

 

प्रश्न न्यूरॉन का चित्र बनाइए तथा नामांकन कीजिए।

उत्तर – 

 प्रश्न रेखित पेशी का चित्र बनाइए।

उत्तर – 

पाठ ― 8

गति

प्रश्न1.  चाल एवं वेग में अंतर स्पष्ट कीजिए।

 उत्तर – 1. दूरी में परिवर्तन की डर को चाल कहते हैं जबकि विस्थापन में परिवर्तन की दर को वेग कहते हैं ।

2.  चाल अदिश राशि है जबकि वेग सदिश राशि है ।

3. गतिमान वस्तु की चाल  0 नहीं होती जबकि गतिमान वस्तु का वेग 0 हो सकता है।

 4. दूरी में परिवर्तन से चाल में परिवर्तन होता है जबकि वेग में परिवर्तन विस्थापन की मात्रा या दिशा परिवर्तन के कारण हो सकता है।

प्रश्न 2. एक गाड़ी का ओडोमीटर क्या मापता है?

उत्तर- ओडोमीटर स्वचालित वाहनों में वाहनों की चाल एवं चली गई दूरी को मापता है।

प्रश्न 3. जब वस्तु एकसमान गति में होती है तब इसका

मार्ग कैसा दिखाई पड़ता है ?

उत्तर – एक समान गति में चलती हुई वस्तु का मार्ग (पथ) एकरेखीय दिखाई देता है।

प्रश्न 4. गति के प्रथम तथा द्वितीय समीकरण लिखिए।

उत्तर- 1.  गति का  प्रथम समीकरण     V = u + at

2. गति का द्वितीय समीकरण  v^2 = u^2 + 2as

प्रश्न 5. किस अवस्था में किसी वस्तु के औसत वेग का परिमाण उसकी औसत चाल के बराबर होगा?

उत्तर – यदि वस्तु द्वारा चली गयी दूरी एवं विस्थापन का परिमाण एक समान हो तो औसत वेग का परिमाण उसकी औसत चाल के बराबर होगा।

पाठ ― 9

बल तथा गति के नियम

प्रश्न 1. किसी पेड़ की शाखा को तीव्रता से हिलाने पर कुछ पत्तियाँ झड़ जाती हैं। क्यों?

उत्तर – पेड़ की शाखा तथा पत्तियाँ विरामावस्था में रहती हैं।जब शाखा को हिलाते हैं तो शाखा गतिमान हो जाती है तथा पत्तियाँ स्थिर जड़त्व के कारण विराम में रहने की कोशिश करती हैं। अतः पत्तियों पर एक बल लगता है जिसके कारण पत्तियाँ टूटकर गिर जाती हैं।

प्रश्न 2. जब कोई गतिशील बस अचानक रुकती है तो आप आगे की ओर झुक जाते हैं और जब विरामावस्था से गतिशील होती है तो पीछे की ओर हो जाते हैं, क्यों?

उत्तर – गतिशील बस में बैठा हुआ यात्री भी समान गति से बस की दिशा में गति करता है। जब बस अचानक रुक जाती है तो यात्री का निचला हिस्सा बल के कारण विरामावस्था में आ जाता है जबकि ऊपरी हिस्सा जड़त्व के कारण गति में रहता है। परिणामस्वरूप हम आगे की ओर झुक जाते हैं। ऐसा ही विरामावस्था से बस गतिशील होती है तो हम बल के कारण पीछे की ओर हो जाते हैं।

प्रश्न 3. जब किसी छड़ी से एक दरी (कार्पेट) को पीटा जाता है, तो धूल के कण बाहर आ जाते हैं। स्पष्ट कीजिए।

उत्तर- जब दरी को छड़ी से पीटा जाता है या झाड़ा जाता है, तब दरी को गतिशील बना दिया जाता है। विराम जड़त्व के कारण धूल के कण विराम अवस्था में ही रहते हैं और नीचे गिर जाते हैं। इस प्रकार धूल के कण बाहर आ जाते हैं।

प्रश्न 4. यदि क्रिया सदैव प्रतिक्रिया के बराबर है तो स्पष्ट कीजिये कि घोड़ा गाड़ी को कैसे खींच पाता है ?

उत्तर – गाड़ी को खींचते समय घोड़ा नीचे पृथ्वी की सतह को अपने पैरों से पीछे की तरफ धकेलता है। न्यूटन के गति के तृतीय नियम के अनुसार पृथ्वी (सड़क) भी घोड़े के पैरों पर उतना ही प्रतिक्रिया बल विपरीत दिशा में लगाती है जिसके कारण गाड़ी आगे की तरफ बढ़ती है।


प्रश्न   5 . बल की परिभाषा दीजिए।

उत्तर – बल वह बाह्य कारण है जो किसी वस्तु की विराम अथवा एकसमान गति की अवस्था को बदल देता है या बदल देने की प्रवृत्ति रखता है।

प्रश्न 6.   गति का तृतीय नियम लिखिए।

उत्तर – न्यूटन की गति के तृतीय नियम के अनुसार प्रत्येक क्रिया के समान एक विपरीत प्रतिक्रिया होती है। रेखा पर एक समान गति की अवस्था में तब तक वर्ग रहती है, जब तक उस पर कोई असंतुलित बल कार्य न करें।

प्रश्न 7.  गति के द्वित्तीय नियम की गणितीय गणना कीजिए।

उत्तर- यदि एम द्रव्यमान की कोई वस्तु u  प्रारंभिक वेग से सीधी रेखा में चल रही है t समय तक में  एक निश्चित बल F लगाने पर उस वस्तु का v  हो जाता है तब इसका प्रारंभिक और अंतिम संवेग क्रमशा: P1 = mu और  P2 = mv होंगे।

संवेग में परिवर्त ∝ P2 – p1

                        ∝ –mu

                        ∝ m× ( V–u)

संवेग में परिवर्तन की दर  ∝ m× v –u  / t

या लगाया गया बल,     F =  km × (v-u)/t

                                     = kma

 यहाँ a [ = (v-u)/ t ] वेग में परिवर्तन की दर अर्थात त्वरण है। k एक अनुपातिक स्थिरांक है।

प्रश्न 8  संवेग तथा वेग में क्या संबंध है?

उत्तर.     J– P = mv   या P ∞ v

Note―दोस्तों आशा करते हैं आपको यह पोस्ट पसंद आई है इस पोस्ट में आपके लिए व विज्ञान  मोस्ट इंपोर्टेंट क्वेश्चन उपलब्ध है जिनकी मदद से आप अपने त्रिमासिक परीक्षाओं की तैयारी कर सकते हैं इस  पोस्ट को अपने सभी दोस्तों में शेयर अवश्य करें।

Rate this post

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here