MP board 12th राजनीति विज्ञान अर्धवार्षिक पेपर 2021-22 Full Solution

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Half yearly exam important solution class. 12th politics (राजनीति) 2021 – 22

Class 12th political science half yearly paper 2021-22:- Mp board  12th के half yearly exam दिसम्बर माह में संपादित होंगे। इसमें अच्छे अंक पाने के लिए आप आज से ही तैयारी आरम्भ कर दे ऐसा करने से exam के समय में आप पर अधिक दबाब नहीं होगा और आप शांत मन से परीक्षा दे पाएंगे जिसके लिए हम आपको class 12th के सभी विषयों के important solution उपलब्ध कर रहे हैं जिससे आप अपनी तैयारी को बेहतर बना सकते हैं।

Note  chapter 1,2,3 के important solution हम त्रिमासिक परीक्षा के दौरान  उपलब्ध कर चुके हैं । यदि आपने यह solution अबतक नहीं देखा है तो नीचे दी गई लिंक पर जाकर आप इस solution को देख सकते हैं।

MP board 12th राजनीति विज्ञान Trimasik Paper Solution 2021-22 IMP

Class 12th Politics (chapter – 4) important question solution 2021-22

राजनीति

खण्ड ‘अ’

समकालीन विश्व राजनीति

अध्याय – 4
सत्ता के वैकल्पिक केंद्र

प्रश्न 1. यूरोपीय संघ के कोई दो उद्देश्य लिखिये।

उत्तर-(1) एकसमान विदेशी एवं सुरक्षा नीति शुरू करना

(2) यूनियन की एकसमान नागरिकता की सुरुआत करना

प्रश्न 2. आसियान (ASEAN) का पूरा नाम लिखिए एवं इसके सदस्य देशों की संख्या बताइए।

अथवा

आसियान का पूर्ण नाम लिखिए।

उत्तर-आसियान का पूरा नाम एसोसिएशन ऑफ साउथ-ईस्ट एशियन नेशन्स’ है तथा इसके सदस्य देशों की संख्या दस है।

प्रश्न 3. आसियान के कोई दो उद्देश्य लिखिए।

उत्तर-(1) क्षेत्रीय शान्ति एवं स्थिरता को बढ़ावा देना।

 (2) अन्य क्षेत्रीय सहयोगी संगठनों से निकट सम्बन्ध बनाए रखना।

प्रश्न 4. भारत एवं चीन के मध्य मैकमोहन सीमा रेखा कब निश्चित की गई?

उत्तर-1914 में

प्रश्न 5.1962 में भारत-चीन युद्ध का क्या कारण था ?

उत्तर-1962 में भारत-चीन युद्ध का मुख्य कारण तिब्बत समस्या एवं दोनों देशों का सीमा विवाद था।

प्रश्न 6. दलाई लामा कौन हैं ?

उत्तर-दलाई लामा तिब्बत के धार्मिक नेता हैं।

प्रश्न 7. लगभग 34 वर्षों के लम्बे अन्तराल के बाद किस भारतीय प्रधानमन्त्री ने चीन की यात्रा की थी?

उत्तर-राजीव गाँधी।

प्रश्न 8. ‘ह्वाट ए ग्लोरी’ पुस्तक की रचना किसने की थी ?

उत्तर-डॉ. विबासि ने।

प्रश्न 9. ‘ह्वाट ए ग्लोरी’ पुस्तक में किस बात का उल्लेख किया गया है ?

उत्तर-भारत-चीन सम्बन्धों का।

प्रश्न 10. भारत-चीन के बीच वास्तविक नियन्त्रण रेखा पर शान्ति स्थापित करने हेतु समझौता कब हुआ था?

उत्तर-7 सितम्बर, 1993 में ।

प्रश्न 11. आसियान संगठन क्या है?

उत्तर-दक्षिणी-पूर्वी एशियाई राष्ट्र संघ को एसियन अथवा आसियान कहा जाता है। 8 अगस्त, 1967 को दक्षिणी-पूर्वी एशिया के पाँच देशों-इण्डोनेशिया, मलेशिया, फिलीपीस, सिंगापुर तथा थाईलैण्ड ने क्षेत्रीय सहयोग के उद्देश्य से आसियान नामक असैनिक संगठन का निर्माण बैंकाक में एक सन्धि पत्र पर हस्ताक्षरित करके दिया। इसके बाद ब्रुनेई (1984), वियतनाम (1995), लाओस एवं म्यांमार (1997) तथा कम्बोडिया (1999) को भी इसका सदस्य बनाया गया। आसियान का केन्द्रीय सचिवालय जकार्ता (इण्डोनेशिया) में है तथा उसका अध्यक्ष ही महासचिव होता है। महासचिव का पद प्रति दो वर्ष के लिए प्रत्येक देश को जाता है तथा देश के चुनाव का आधार अकारादि क्रम है। सचिवालय के ब्यूरो निदेशकों तथा अन्य पदों की भर्ती तीन वर्ष बाद होती है। अभी तक इसके 31 शिखर सम्मेलन हो चुके हैं तथा वर्तमान में एच. ई. दातो लिम जोक होई (ब्रूनेई) आसियान के महासचिव हैं।

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प्रश्न 12. चीन-भारत के बीच सन्.2013 में सीमा सुरक्षा सहयोग समझौते की चार शर्ते लिखिए।

उत्तर-23 अक्टूबर, 2013 को भारत-चीन के बीच हस्ताक्षरित सीमा सुरक्षा सहयोग समझौते की प्रमुख शर्ते निम्न प्रकार हैं-

(1) दोनों देश सीमा क्षेत्र में शान्ति बनाए रखने से सम्बन्धित महत्वपूर्ण सीमा सम्बन्धी मामलों का समाधान करने के लिए चीन-भारत सीमा मामलों पर परामर्श एवं समन्वय हेतु कार्यचालन तन्त्र विकसित करेंगे।

(2) उक्त कार्यचालन तन्त्र सीमावर्ती क्षेत्रों में दोनों देशों के सैन्य बलों के बीच सहयोग एवं सद्भावना विकसित करेगा।

(3) सीमा सुरक्षा सहयोग समझौते में समयानुसार संशोधन किया जा सकता है।

(4) कार्यचालन तन्त्र चीन तथा भारत में बारी-बारी से प्रतिवर्ष एक बार अथवा दो बार परामर्श करेगा। आवश्यकतानुसार परस्पर सहमति से आपातकालीन परामर्श भी किया जा सकता है।

प्रश्न 13, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के नए पंचशील सिद्धान्त को  लिखिए।

उत्तर-चीन ने भारत के साथ सम्बन्ध सुधारने हेतु  पाँच सूत्रीयफार्मूला घोषित किए―

 (1) भारत-चीन को कूटनीतिक वार्ता जारी रखनी चाहिए। दोनों देशों को द्विपक्षीय सम्बन्ध को सही रास्ते पर रखना चाहिए।

(2) भारत-चीन को परस्पर तुलनात्मक क्षमता का प्रयोग करते हुए आधारभूत सरचना आपसी निवेश तथा अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना चाहिए।

(3) भारत-चीन को सांस्कृतिक सम्बन्ध मजबूत करने चाहिए तथा दोनों ही देशों को अपनी मित्रता का विस्तार करना चाहिए।

(4) दोनों ही देशों को बहुपक्षीय मंचों पर समन्वय तथा सहयोग बढ़ाना चाहिए तथा विकासशील देशों के हितों की रक्षा करनी चाहिए।

(5) एक-दूसरे की प्रमुख चिन्ताओं पर ध्यान देना चाहिए। भारत-चीन के मध्य मौजूदा समस्याओं तथा मतभेदों को उचित रूप से सुलझाने का प्रयास करना चाहिए।

प्रश्न 14. आसियान के कार्यों की विवेचना कीजिए।

अथवा

आसियान के कार्य एवं भूमिका पर प्रकाश डालिए।

उत्तर– हालांकि आसियान के कार्यों का क्षेत्र अत्यन्त व्यापक है लेकिन फिर भी संक्षेप में इसके कार्यों का उल्लेख निम्न प्रकार किया जा सकता है-

(1) सम-सामयिक एवं सांस्कृतिक परियोजनाएँ बनाना-आसियान की स्थाय समिति समय-समय पर सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों से सम्बन्धित परियोजना बनाती है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य जनसंख्या नियन्त्रण एवं परिवार नियोजन कार्यक्रमों की प्रोत्साहन, दवाइयों के निर्माण पर नियन्त्रण, शैक्षणिक, खेल, सामाजिक कल्याण तथा राष्ट्रीय व्यवस्था में संयुक्त कार्य प्रणाली को महत्त्व देना है। 1969 में संचार व्यवस्था एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ाने हेतु एक समझौता किया गया। इस समझौते के प्रावधानों के अनुसार आसियान के सदस्य देश रेडियो एवं दूरदर्शन के माध्यम से परस्पर एक-दूसरे के कार्यक्रम का आदान-प्रदान करते हैं।

(2) कृषि एवं पशुपालन सम्बन्धी शिक्षा-आसियान ने खाद्य सामग्री के उत्पादन में प्राथमिकता देने के लिए किसानों को अर्वाचीन तकनीकी शिक्षा देने हेतु कुछ कारगर कदम उठाए हैं। यह विशेष रूप से गन्ना, चावल तथा पशुपालन में सहायक सिद्ध होते हैं।

(3) पर्यटन की सुविधा प्रदान करना-आसियान ने पर्यटन के क्षेत्र में अपना एक सामूहिक संगठन ‘आसियम्टा’ स्थापित किया है। यह संगठन बिना ‘वीसा’ के सदस्य देशों में पर्यटन की सुविधा प्रदान करता है। आसियान देशों ने 1971 में हवाई सेवाओं के व्यापारिक अधिकारों की रक्षा तथा 1972 में फंसे जहाजों को सहायता पहुँचाने से सम्बन्धित एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।

(4) स्वतन्त्र व्यापार क्षेत्र की स्थापना के प्रयास-आसियान के सदस्य देश प्राथमिकता के आधार पर सीमित वस्तुओं के ‘स्वतन्त्रता व्यापार क्षेत्र (साझा बाजार)’ स्थापित करने के लिए प्रयासरत हैं। आसियान के सदस्य देशों का आपसी आयात-निर्यात उनके सीमित बाजार का विस्तार तथा विदेशी मुद्रा को बचत करने में सहायक है। 1976 के बाली (इण्डोनेशिया) शिखर सम्मेलन में आसियान सदस्यों ने पारस्परिक सहयोग को बढ़ाने हेतु मुख्यतया निम्नलिखित तीन सुझाव रखे थे-

(i) बाहरी आयात कम करके सदस्य राष्ट्र पारस्परिक व्यापार को महत्त्व देंगे,

(ii) खाद्य एवं ऊर्जा शक्ति वाले इन क्षेत्रों में अभाव से पीड़ित आसियान देशों की सहायता करेंगे।

(iii) आसियान के सदस्य देश व्यापार को अधिकाधिक क्षेत्रीय बनाने का प्रयास जनवरी 1992 में आसियान ने ‘नवीन अन्तर्राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था’ की माँग करके अपना एक अलग मुक्त व्यापार क्षेत्र बनाने का प्रस्ताव भी रखा। 

प्रश्न 15. कोलम्बो प्रस्ताव पर एक लेख लिखो।

उत्तर – भारत तथा चीन के बीच सीमा विवाद का समाधान करने हेतु दिसम्बर 1962 में  श्रीमती भंडार नायके की अध्यक्षता में श्रीलंका, म्यांमार (पूर्व बर्मा), इण्डोनेशिया, कम्बोडिया, मिश्र तथा साना देशों के प्रतिनिधियों का कोलम्बी में सम्मेलन हुआ, जिसके फलस्वरूप   कोलंबो प्रस्ताव’ निर्मित किया गया। 19 जनवरी, 1963 को कोलायो प्रस्ताव प्रकाशित किया गया।

इसकी प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित थी-

(1) युद्ध विराम के समय भारत चीन विवाद का शान्तिपूर्ण प्रकार से समाधान करने का उपयुक्त समय।

(2) चीन पश्चिमी क्षेत्र में अपनी चौकियाँ बीस किमी पीछे हटा ले।

(3) भारत अपनी वर्तमान सैनिक स्थिति बनाए रखे।

(4) सीमा विवाद में अन्तिम समाधान होने तक चीन द्वारा खाली किया गया क्षेत्र, असैनिक क्षेत्र हो, जिसकी निगरानी दोनों पक्षों द्वारा नियुक्त गैर-सरकारी सैनिक चौकियाँ करें। लेकिन इस क्षेत्र में भारत एवं चीन दोनों पक्षों का पहले की उपस्थिति का दावा समाप्त नहीं होगा।

(5) पूर्वी नेफा क्षेत्र में भारत-चीन सरकारों द्वारा मान्य नियन्त्रण रेखा युद्ध विराम का कार्य करे।

(6) मध्यवर्ती क्षेत्र का समाधान शान्तिपूर्ण ढंग से किया जाए।भारत ने कुछ प्यष्टीकरण के पश्चात कोलम्बो प्रस्ताव स्वीकार कर लिया। 21 जनवरी, 1963 को चीनी विदेश मन्त्री ने कोलम्बो प्रस्ताव का सिद्धान्त स्वीकार कर लिया।

प्रश्न 7.’आसियान विजन 2020′ की मुख्य मुख्य बातें क्या हैं?

उत्तर-‘(1) ‘आसियान विजन 2020’ के अन्तर्गत अन्तर्राष्ट्रीय समुदाय में आसियान की एक बहुमुखी भूमिका को प्रधानता दी गई है।

(2) आसियान द्वारा टकराव के स्थान पर परम्पर वाताओं द्वारा समस्याओं के समाधान करने को प्रमुखता प्रदान की गई। इस नीति पर चलने के फलस्वरूप ही आसियान कम्बोडिया के टकराव एवं पूर्वी तिमोर के संकट को सम्भाला है।

(3) आसियान की वास्तविक शक्ति अपने सदस्य राष्ट्रों, सहगामी सदायाँ तथा शेषगर क्षेत्रीय संगठनों के मध्य लगातार संवाद एवं परामर्श करने की नीति में है।

(4) आसियान एशियाई देशों तथा विश्व शक्तियों को राजनीतिक एवं सुरक्षा मामलों पर विचार विमर्श हेतु एक मंच उपलब्ध कराता है।

(5) आसियान जहाँ नियमित रूप से वार्षिक बैठकों का आयोजन कर रहा है वहीं एशियाई राष्ट्रों के साथ व्यापार तथा निवेश मामलों की ओर भी विशेष ध्यान दे रहा है। 

प्रश्न 11. यूरोपीय संघ को क्या चीजें एक प्रभावी क्षेत्रीय संगठन बनाती हैं?

उत्तर-  यूरोपीय संघ को निम्नलिखित चीजें अथवा तत्व एक प्रभावी क्षेत्रीय संगठन बनाती हैं-

(1) एक समान राजनीतिक स्वरूप-यूरोपीय संघ ने आर्थिक सहयोग वाली व्यवस्था से परिवर्तित होकर अधिकाधिक राजनीतिक स्वरूप ले लिया है। उसका अपना स्वयं का एक झण्डा, गीत, स्थापना दिवस तथा स्वयं की मुद्रा (यूरो) है। ये संयुक्त विदेश नीति तथा सुरक्षा नीति में सहायक हैं।

(2) सहयोग की नीति-यूरोपीय संघ सहयोग की नीति का अनुसरण करता है। इसके माध्यम से पश्चिमी यूरोप के देशों ने परस्पर एक-दूसरे की सहायता की है। इसने समस्त यूरोपीय देशों को शिक्षा दी है कि अन्ततः क्षेत्रीय शान्ति एवं सहयोग ही उन्हें समृद्धि तथा विकास के रास्ते पर ले जा सकता है। संघर्ष एवं युद्ध सदैव विनाश एवं पतन का मूल कारण होते हैं।

(3) आर्थिक प्रभाव अथवा शक्ति-  यूरोपीय संघ का आर्थिक प्रभाव अथवा शक्ति भी किसी से छिपी हुई नहीं है। 2005 में वह विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था थी। इसकी मुद्रा यूरो अमेरिकी डॉलर के प्रभुत्व के समक्ष एक चुनौती बन सकती है। विश्व व्यापार में इसकी सहभागिता अमेरिका से 3 गुना अधिक है। इसी के चलते वह अमेरिका तथा चीन में व्यापारिक विवादों में समकक्ष की हैसियत से वार्ता करता है। इसकी आर्थिक शक्ति का प्रभाव इसके निकटतम देशों पर ही नहीं अपितु एशिया एवं अफ्रीका के दूर-दराज के देशों पर भी है।

(4) राजनीतिक एवं कूटनीतिक प्रभाव- यूरोपीय संघ का राजनीतिक एवं कूटनीतिक प्रभाव भी विश्व पटल पर अंकित है। इसके दो सदस्य देश ब्रिटेन तथा फ्रांस सुरक्षा परिषद् के स्थायी सदस्य हैं। इसी प्रकार इसके कई अन्य सदस्य राष्ट्र सुरक्षा परिषद् के अस्थायी सदस्यों में सम्मिलित हैं।

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