महाकाव्य और खंडकाव्य में अंतर 5 | mahakavya or khandkavya me antar

महाकाव्य और खंडकाव्य में अंतर 5 |mahakavya or khandkavya me antar
महाकाव्य और खंडकाव्य में अंतर 5 |mahakavya or khandkavya me antar

mahakavya or khandkavya me antar :- हेलो दोस्तों स्वागत है आपका studygro.com वेबसाइट पर आज हम इस पोस्ट में महाकाव्य और खंडकाव्य में अंतर देखने वाले हैं क्योंकि अक्सर परीक्षाओं में महाकाव्य और खंडकाव्य में अंतर लिखने के लिए प्रश्न आ जाता है इसलिए आज हम आपको इस पोस्ट में हम महाकाव्य और खंडकाव्य पांच अंतर (mahakavya or khandkavya me antar) बताने वाले हैं अगर आप महाकाव्य और खंडकाव्य के यह 5 अंतर अगर आप याद कर लेते हैं और परीक्षा में महाकाव्य और खंडकाव्य में अंतर लिखने के लिए प्रश्न आता है तो आप 5 अंदर लिखकर आ जाना आपको पूरे नंबर जरूर मिल जाएंगे।

महाकाव्य किसे कहते हैं ? महाकाव्य की परिभाषा

सबसे पहले हम जान लेते हैं कि महाकाव्य किसे कहते हैं या महाकाव्य की परिभाषा क्या होती है – ” महाकाव्य में किसी महापुरुष के समस्त जीवन की कथा होती है। इसमें कई सर्ग होते हैं। मूल कथा के साथ प्रासंगिक कथाएँ भी होती हैं। महाकाव्य का प्रधान रस शृंगार, वीर अथवा शान्त होता है।

इसकी विशेषताएँ निम्नवत् हैं-

(1) महाकाव्य के कथानक में क्रमबद्धता होती है।

(2) नायक उदात्त एवं धीरोदात्त होता है।

(3) हृदयस्पर्शी मार्मिक प्रसंगों का वर्णन होता है।

(4) विषय विस्तृत एवं कथा इतिहास सम्मत होती है ।

(5) सम्पूर्ण महाकाव्य में एक छन्द प्रयुक्त होता

महाकाव्य के उदाहरण

1. रामचरितमानस- तुलसीदास

2. कामायनी- जयशंकर प्रसाद

खंडकाव्य किसे कहते हैं खंडकाव्य की परिभाषा

छात्रों खंड काव्य किसे कहते हैं इसकी परिभाषा निम्न प्रकार से है- खण्डकाव्य में जीवन के किसी एक पक्ष का अंकन होता है। एक घटना अथवा व्यवहार का ही चित्रण किया जाता है।

खंडकाव्य के उदाहरण

हिन्दी के चार खण्डकाव्य निम्नवत् अवलोकनीय हैं—

(1) जानकी मंगल-तुलसीदास ।

(2) सिद्धराज – मैथिलीशरण गुप्त ।

(3) सुदामा चरित — नरोत्तमदास ।

(4) गंगावतरण-जगन्नाथ दास ‘रत्नाकर’ ।

महाकाव्य और खंडकाव्य में अंतर

महाकाव्य खण्डकाव्य
(1) महाकाव्य में जीवन के समग्र रूप का उल्लेख होता हैखण्डकाव्य में जीवन के एक पक्ष का उद्घाटन किया जाता है।
(2) महाकाव्य विस्तृत होता हैखण्डकाव्य संक्षिप्त होता है।
(3) महाकाव्य में प्रकृति चित्रण विशद् रूप में किया जाता हैखण्डकाव्य में प्रकृति चित्रण संक्षिप्त रूप में किया जाता है।
(4) महाकाव्य में पात्रों की संख्या अधिक होती है।खण्डकाव्य में पात्र कम तथा सीमित होते हैं।

उदाहरण-

1. रामचरितमानस- तुलसीदास

2. कामायनी- जयशंकर प्रसाद

उदाहरण-

(1) जानकी मंगल-तुलसीदास ।

(2) सिद्धराज – मैथिलीशरण गुप्त ।

(3) सुदामा चरित — नरोत्तमदास ।

(4) गंगावतरण-जगन्नाथ दास ‘रत्नाकर’ ।

  
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Note- महाकाव्य और खंडकाव्य में अंतर आपको अगर पसंद आया है तो हमें कमेंट में कमेंट करके अवश्य बताएं और अपने दोस्तों को जरूर शेयर करें क्योंकि महाकाव्य और खंडकाव्य अक्सर हिंदी के पेपर में पूछ लिया जाता है इसलिए याद जरूर करें।

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